What is Power of Attorney in Hindi

Power of Attorney क्या है और इनके लाभ क्या है

Power of Attorney
एक ऐसा Documents है जिसके जरिए कोई Person किसी Other Person को अपनी संपत्ति के बारे में अपना निर्णय लेने का न्यायिक अधिकार देता है।
Power of attorney एक प्रकार का संपत्ति न्यायिक अधिकार पत्र है।

Power of Attorney के Property  के मालिकाना हक वाले Person के बदले में किसी Other Person को कानूनी अधिकार लेने के लिए अधिकृत करता है।

Power of Attorney घोषित करने वाले व्यक्ति को Principal तथा घोषित व्यक्ति को Agent कहा जाता है।

Power of Attorney से अधिकृत व्यक्ति उस Property से संबंधित निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होता है।

यहाँ ध्यान देेेने वाली बाा है कि Property के अलावा Bank accounts, Shares and Mutual funds etc. के लिए भी Power of Attorney होता है।

Types of Power of Attorney in India


1. General Power of Attorney ( G.P.A ) के तहत Attorney के पास सभी तरह के फैसले लेने का अधिकार होता है

जबकि, Special Power of Attorney के तहत attorney को किसी खास काम के लिए अधिकृत किया जाता है।

2. Special Power of Attorney ( S.P.A ) में Principal लिखता है, कि,, Principal के अक्षम हो जाता है।
Power of Attorney जारी रहेगा लेकिन principal के मृत्यु के पश्चात इसकी वैधता खत्म हो जाती है।

Power of Attorney किसी अचल संपत्ति के मालिकाना हक को transfer करने के लिए तैयार किया जाता है।

Registry के बदले Power of Attorney का Users प्रायः उस समय किया जाता है।

जब property का मालिक Court में जाने में सक्षम नहीं हो परंतु मालिक (principal) का स्वस्थ मस्तिष्क का होना आवश्यक होता है।

Power of Attorney देते समय अपनी संपत्ति को Other Person के नाम करते हैं, कभी भी ऐसे Person को  Power of Attorney न दें जिस पर आपका विश्वास न किया जा सकता हो।

Power of Attorney बनाने के Rules देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है।

100 रुपए से 1000 रुपए तक के non-judicial stamp paper पर Power of Attorney बनाया जाता है।

Power of Attorney बनाते समय Principal and Agent के साथ 2 गवाह के हस्ताक्षर जरूरी हैं।

Power of Attorney कि Time period 12 Months होती है।

यदी 1 वर्ष के अंदर Agent किसी प्रकार का दूरूप्योग करने लगे तो इस स्थिति में न्यायालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

Power of Attorney को समय के पहले भी Cancel किया जा सकता है। Power of Attorney,, India से बाहर भी कराया जा सकता है परंतु यदि India के बाहर कराया गया है।

तो India आने से तीन माह के अंदर इसे District Magistrate से मान्यता दिलाना अति आवश्यक होता है।

अगर कोई व्यक्ति Other Country में रहता है और बगैर India आए अपनी संपत्ति को बेचना चाहता है, तो ऐसे में Power of Attorney तैयार कर उसे Notarized करा सकता है।

Power of Attorney, Agent की मौत के बाद मान्य नहीं रहती है. यह अमान्य हो जाती है।

यदि किसी दुर्घटना के कारण Agent साइन करने योग्य नहीं रहता तो पहले की गई हुई Power of Attorney की time period खत्म हो जाती है।

या तो फिर Power of Attorney को अमान्य कर दिया जाता है।

इसके अलावा Agent पहले की गई Power of Attorney को cancel भी कर सकता है।

और काम पूरा होने के बाद Special Power of Attorney को खत्म कर दिया जाता है।

Durable Power of Attorney में Agent ने Power of Attorney को बनाते समय लिखा हो उसके अक्षम हो जाने पर या उसके Disable हो जाने पर Power of Attorney जारी रहेगी।

Agent की मौत होने के बाद Power of Attorney Cancel हो जाती है।

कुछ जगहों पर Durable Power of Attorney को Helth care Durable Power of Attorney भी कहा जाता है।

वैसे तो General Power of Attorney का Registration कराना जरूरी नहीं होता है।

और आप अगर इसका Registration करवा लेते हैं तो इसका महत्व बढ़ जाता है।

यदि मामला किसी अचल संपत्ति से जुड़ा है, वहां पर General Power of Attorney का Registration करा लेना चाहिए।

India कोई Person दूसरे देश में रहता है. और भारत  में उसकी Property Shares and Mutual funds etc है।

भारत में किसी भी Property को Deal करने के लिए विदेशों में भी Power of Attorney को तैयार करके उसे Registration करवाया जा सकता है।

यदि Power of Attorney का Registration भारत से बाहर कराया गया है।

तो उन कागजात को भारत में आने के 3 months के अंदर उन कागज को जिला अधिकारी से मान्यता दिलाना जरूरी है।

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