What is Depository in Hindi

Depository का मतलब वह जगह जहा कुछ जमा कर के रखा जाता है।

लेकिन Share market में Depository का मतलब वह संस्था है जहा पर Investors का Demat account खोला जाता है।

और उसमे Share जमा करने और उसमे से Share निकालने की व्यवस्था करती है।

इसके अलावा जब भी Dividend और bonus जैसे Corporate Action होते है, तब वह ऐसी Companies को उसके Investors की जानकारी देती है।

IPO में Shares को buy करो या Share market से Share को buy करो, buy and sell करने के लिए Demat account की जरूरत होती है।

Demat account आप किसी Stock broker and bank से खुलवा सकते हैं।

Demat account के बिना Stock market में कोई भी Transaction नही कर सकते हैं।

Demat account जो कि Saving account की तरह होते हैं,
जैसे, Saving account में पैसे रखते हैं, वैसे ही demat account में shares रखते हैं।

Demat account के साथ एक और Account खोलते है, जिसे trading account कहते हैं।

तो trading account के जरिए share को buy and sell किए जाते हैं, और trading account के जरिए buy किए हुए shares को demat account में रखा जाता है।

Demat account खुलवाने के लिए कुछ Documents लगते हैं

For example:-

aadhar card, pan card, passport size photo, bank passbook etc.

जैसे अगर आपके पास Company A के कुछ Stocks  है।
अब उसने 10 Per Share का Dividend देने का एलान किया।

ऐसे में आपको आपके हिस्से का Dividend सीधे आपके Bank account में दे दिया जाएगा।

इसके लिए आपके और आपके Bank account की जानकारी Depositories उस Companies को देती है।

India में 2 Depositories है

1. NSDL {National Securities Depositories Ltd}

2. CDSL{Central Depositories Services Ltd}

1. NSDL

यह India की सबसे पहली Security Depository है। इसकी शुरुआत November 1996 में हुई थी।

NSDL के Promoters में National Stock Exchange यानी NSE, IDBI और Unit Trust of India शामिल है।

इसके अलावा NSDL के Shareholder में Axis Bank, State Bank of India, Oriental Bank of Commerce HDFC Bank जैसे और भी कई Bank शामिल है।

2. CDSL

यह India की दूसरी Security Depository है। इसकी शुरुआत Febuary 1999 में Mumbai में हुई थी। यह BSE यानी Bombay Stock Exchange के अंतर्गत आती है।

NSDL V/S CDSL in Hindi

NSDL and CDSL दोनों ही Depositories ही है। सिर्फ दोनों ही अलग-अलग संस्था है। But काम दोनों एक जैसा ही करती है।

जब भी हम Stock market में Investment के लिए अपना Demat Account खुलवाते है, तब हमारा Demat Account NSDL या फिर CDSL किसी एक में खोला जाता है।

इनमे से किस में हमारा Demat Account खोलते है, यह हम तय नहीं करते। यह हमारा Stock Broker तय करता है।

कैसे जाने हमारा Demat Account कौनसे Depositories में है

जब अपना Demat Account खुलवाते है, तब आपके Email Id पर Depository की तरफ से आपको एक Welcome Email आता है।

यह Email आपको कौनसी Depository से आया है, यह देखकर आप पता लगा सकते है आपका Demat Account NSDL या CDSL में खुला है

For example आपका Demat account CDSL में खुला है, तो आपको Services@cdslindia.com से E-mail आएगा।

But अगर आपका Demat account NSDL में खुला है तो आपको इसी तरह NSDL के E-mail id से E-mail आएगा।

इस Email में आपका DP Id और Client Id दोनों ही होता है। अगर आप इन दोनों को एक साथ जोड़ देंगे तो आपका Demat Account मिलेगा।

DP Id depository participant यानी आपके Stock Broker का Id है।

और Client Id उसके Client यानी अलग-अलग Investors का Id है।

जो हर Investors के लिए अलग-अलग होता है। इस Demat Account Number का उपयोग आप IPO के लिए Apply करने के लिए किया जाता है।

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